"ED करेगी वित्तीय लेन-देन की जांच, अब तक 12 मामले दर्ज", अशोक खरात मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान
नाशिक: महाराष्ट्र की राजनीति और सामाजिक गलियारों में हलचल मचाने वाले 'पाखंडी' अशोक खरात मामले पर उपमुख्यमंत्री (और गृह मंत्री) देवेंद्र फडणवीस ने आज कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने साफ किया कि इस धोखेबाज के खिलाफ सरकार कोई ढिलाई नहीं बरतेगी और मामले की जांच का दायरा अब और बढ़ने वाला है।
ED की होगी एंट्री: आर्थिक साम्राज्य पर कसेगा शिकंजा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अशोक खरात द्वारा किए गए तमाम संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) करेगी। उन्होंने कहा, "खरात मामले में हुए सभी ट्रांज़ैक्शन की ED जांच ज़रूर होगी। ED ने मामले की प्राथमिक जानकारी जुटा ली है और अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक बार खरात की बेनामी संपत्तियों और जमीनों का ब्योरा सामने आ जाए, तो नियम के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।"
अब तक 12 केस दर्ज, SIT की जांच जारी
अशोक खरात, जिस पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप हैं, फिलहाल SIT की हिरासत में है। फडणवीस ने बताया कि खरात के खिलाफ अब तक कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने SIT के काम की सराहना करते हुए कहा कि हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही हैं। गोपनीयता बनाए रखने के लिए जांच की हर डिटेल साझा नहीं की जा सकती, लेकिन उचित समय पर SIT पूरा खुलासा करेगी।
CDR लीक मामले पर सरकार सख्त
मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) सार्वजनिक होने पर फडणवीस ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि CDR पाने का अधिकार सिर्फ जांच एजेंसियों को है। राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि यह डेटा किसने और कैसे लीक किया। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि हमारा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम सिर्फ इस आधार पर नहीं चलता कि किसने किससे बात की, बल्कि ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
"राजनीति न करें, दोषियों को छोड़ेंगे नहीं"
विपक्ष और अन्य संगठनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार और SIT पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानून का डंडा चलेगा।
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